Sunday, 6 August 2017

2-532 आज तलक इतने साल

आज तलक इतने साल हो गए,
जैसे साल नहीं कई युग हो गए,

इस बीच बहुत लोग मिले,मगर,
कुछ खास जाने कहाँ खो गए..(वीरेंद्र)/2-532


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment