Wednesday, 19 July 2017

1-946 हर बार ही दे देते हैं

हर बार ही दे देते हैं एक नया दर्द,
कह देते हैं दर्द ही तो है दवा-ऐ-दर्द..(वीरेंद्र)/1-946


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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