Wednesday, 5 July 2017

1-945 बेवफा हो जाएं वो, और

बेवफा हो जाएं वो, और इल्जाम-ऐ-बेवफाई मै भुगतूं,
ये कैसा इन्साफ, गुनाह करें वो, अंजाम मै भुगतूं..(वीरेंद्र)/1-945

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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