Saturday, 17 June 2017

1-938 जैसे चाहा उसने

जैसे चाहा उसने, वैसे मैंने ये ज़िन्दगी बिता दी,
सुकूँ न मिला, गो मैने उसकी कीमत भी चुका दी..(वीरेंद्र)/1-938


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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