Tuesday, 9 May 2017

2-520 बिगाड़ सका है क्या,

बिगाड़ सका है क्या, भला कोई कानून उसका,
कालेधन से बन चुका हो कुबेर, कुनबा जिसका..(वीरेंद्र)/2-520

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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