Thursday, 18 May 2017

1-931 मै भी वही, तुमभी वही

मै भी वही, तुम भी वही, दुनियां में सभी कुछ वही,
फिरभी करीने से बदल डाला प्यार का मंज़र तुमने..(वीरेंद्र)/1-931


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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