Monday, 17 April 2017

2-515 काश छोटा मोटा "पुरूस्कार"

काश छोटा मोटा सा कोई "पुरुस्कार" हमे भी मिल गया होता, 
असहिष्णुता पर उसे लौटाने का मौका यार हमे भी मिल गया होता.(वीरेंद्र)/2-515


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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