Monday, 17 April 2017

2-509 कोई हर्ज नहीं है

कोई हर्ज नहीं है, ऐतराज़ में,
मगर दम न लगा आवाज़ में,
हलक पर तू इतना ज़ोर न दे,
ताकत पैदा कर अल्फ़ाज़ में..(वीरेंद्र)/2-509


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment