Friday, 28 April 2017

1-921 ऐसे वक्त अपने रास्ते

ऐसे वक्त अपने रास्ते बदल लिए तुमने,
तुम्हे लेके जब कई ख्वाब थे बुन लिए मैंने..(वीरेंद्र)/1-921


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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