Saturday, 22 April 2017

1-919 आतिशे-नफरत में न जल

आतिशे-नफरत में न जल इतना भी,
कि मुहब्बतें भी तुझको बचा न सकें..(वीरेंद्र)/1-919

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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