Saturday, 22 April 2017

1-918 ख्यालात की दौलत रखने

ख्यालात की दौलत रखने वाले, लफ़्ज़ों की फ़िज़ूलख़र्ची नहीं करते,
सलाहियतों के होते हैं वो कद्रदान, ज़ाहिरी खूबसूरती पर नहीं मरते..(वीरेंद्र)/-918


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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