Wednesday, 12 April 2017

1-912 आज अगर कोई नया

आज अगर कोई नया-नया दर्द मिल जाय,
पुराने किसी दर्द को सुकूँ शायद मिल जाय..(वीरेंद्र)/1-912


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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