Tuesday, 21 March 2017

2-506 पिछड़ेपन के खिलाफ

पिछड़ेपन के खिलाफ आए दिन हम पुरज़ोर आवाज़ें उठाते हैं,
और हम ही हैं जो रोज़-रोज़ विकास की राह में रोड़े अटकाते हैं।
कारवां-ऐ-तरक्की थमता नहीं किसी भी सूरत में, ये समझ लो,
हम लोग जब थक जाते हैं, तो दूसरे लोग कदम आगे बढ़ाते हैं।..(वीरेंद्र)/2-506

वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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