Friday, 31 March 2017

1-905 मै वाकिफ हूँ मयकशी

मैं वाकिफ़ हूँ मयकशी के ख़ौफ़नाक नतीजों से,
इसीलिए मुझे खुद से ज़्यादा मआशरे की फ़िक्र है..(वीरेंद्र)/1-905


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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