Tuesday, 28 March 2017

1-903 नादाँ था सवाल करता

नादाँ था सवाल करता गया, ख़ामोशी को समझ ना सका,
साथ साथ चला, फिर भी मेरी धड़कनों को सुन ना सका.(वीरेंद्र)/1-903


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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