Tuesday, 28 March 2017

1-900 ना ख़ुशी कुछ है,

ना खुशी कुछ है, ना ग़म कुछ है,
वक्त का मिज़ाज़ ही सब कुछ है..(वीरेंद्र)/1-900


वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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