Tuesday, 21 March 2017

1-897 ये आवाज़ यकीनन

ये आवाज़ यकीनन उसके दिल की नहीं,
पत्थर भी कहीं इस तरह धड़का करते हैं..(वीरेंद्र)/1-897


वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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