Saturday, 18 February 2017

2-498 न रोक सको फौजों पर

न रोक सको फौजों पर पत्थरबाज़ी, तो अपनी अक्ल पर तो न होने दो,
भूलकर सियासी दांवपेंच, दुश्मन-परस्तों को हावी मुल्क पर तो न होने दो..(वीरेंद्र)/2-498


वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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