Saturday, 11 February 2017

2-496 न बच सके छींटों से

ना बच सके छींटों से, रेनकोट पहनकर भी हम नहाए,
कितने भी मासूम बने, लोगों को चोर ही नज़र हम आए..(वीरेंद्र)/2-496


वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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