Monday, 6 February 2017

2-488 "वंश-गुलामी" का नशा

"वंश-गुलामी" का नशा जिनको सर से पाँव चढ़ा है,
इतिहास में उन्होंने ता-उम्र बस एक ही नाम पढ़ा है..(वीरेंद्र)/2-488


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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