Friday, 24 February 2017

1-889 घोंप दिए भाले ओरों के

घोंप दिए भाले औरों के सीनों में जिन्होंने,
उन्हें एक तिनका भी लगने से दर्द होता है..(वीरेंद्र)/1-889

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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