Friday, 24 February 2017

1-888 मत दे इतने दोस्त,

मत दे इतने दोस्त ऐ खुदा, मुझे फिरसे गरीब कर दे,
नहीं हो सकता गर कोई दोस्त तो मुझे रकीब कर दे..(वीरेंद्र)/1-888


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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