Saturday, 18 February 2017

1-883 गले से लगा लो पेड़ों को

गले से लगा लो पेड़ों को तुम, वे पाला नहीं बदलते,
वो कट जाते हैं, उखड जाते हैं, रवैय्या नहीं बदलते..(वीरेंद्र)/1-883

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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