Saturday, 18 February 2017

1-879 चलो ये वादा है तुमसे,

चलो ये वादा है तुमसे, तुम्हे ज़रूर भुला देंगे हम, 
मगर ये नहीं जानते, आखरी सांस कब लेंगे हम..(वीरेंद्र)/1-879


रचना: वीरेंद्र सिन्हा  "अजनबी"

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