Monday, 6 February 2017

1-875 मेरी देखा देखि वो भी चले

मेरी देखा देखी वो भी चले थे शायरी करने,
पत्थर दिल से मगर उनके कोई सदा न आई..(वीरेंद्र)/1-875


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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