Monday, 6 February 2017

1-874 आँखों ने तो कोई कमी

आँखों ने तो कोई कमी न रखी सब कहने में,
तुम अलफ़ाज़ पर यूँ ही काबू करते चले गए..(वीरेंद्र)/1-874


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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