Thursday, 5 January 2017

2-469 भावनाओं को

भावनाओं को समझने के लिए भावुक मन चाहिए,
मुझे समझने लिए भी मेरे जैसा ही कोई जन चाहिए..(वीरेंद्र)/2-469


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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