Tuesday, 24 January 2017

1-869 उसके बगैर ऐ जिंदगी

उसके बगैर ऐ ज़िंदगी तेरा मक़सद अब रहा नहीं,
बेवजाह ही सही, चल मै तुझे कुछ और जी लेता हूँ..(वीरेंद्र)/1-869


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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