Sunday, 22 January 2017

1-868 दर्द दिल का अब

दर्द दिल का अब कितना मुस्तक़िल हो गया, 
प्यार हुआ आसानी से, भूलना मुश्किल हो गया..(वीरेंद्र)/1-868


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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