Monday, 9 January 2017

1-866 मैंने फकत चाहा था

मैंने फ़क़त चाहा था उसे देखते रहना, चाहे वोे बेवफा हो जाए,
मैंने मांगी थी उसकी खुशियां, यूं न चाहा था वो जुदा हो जाए..(वीरेंद्र)/1-866


रचना: ©  वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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