Friday, 9 December 2016

1-844 शिकायत नहीं, क्यों

शिकायत नहीं, क्यों आपने हमसे किनारा कर लिया,
डूबते भी तो बहुत जा रहे थे आप, हमारी मुहब्बत में..(वीरेंद्र)/1-844

रचना: वीरेंद्र सिन्हा  "अजनबी"

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