Thursday, 8 December 2016

1-846 मालूम था मुझको

मालूम था मुझको मेरा साथ न दोगे तुम,
आखिर तुम भी किस किस का साथ देते..(वीरेंद्र)/1-846

 रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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