Friday, 9 December 2016

1-843 किनारा करने से

किनारा करने से क्या मिला आपको,
यादों में तो आज भी डूबे हुए हैं आप..(वीरेंद्र)/1-843

‌रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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