Thursday, 8 December 2016

1-845 बेवफा हो जाओ तो दूर

बेवफ़ा हो जाओ तो दूर चले जाना ही बेहतर,
सामने रहकर फिर आँख मिलाई नहीं जाती..(वीरेंद्र)/1-845

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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