Wednesday, 14 December 2016

2-472 सींग कटाने से


सींग कटाने से बैल कभी बछड़ा नहीं बन जाता,
निकर पहन लेने से बुङ्ढा बच्चा नहीं बन जाता,
रखता अगर कोई अपने आमाल साफ़ सुथरे तो,
वो इंसान बनता,  यूं लुच्चा-टुच्चा नहीं बन जाता..(वीरेंद्र)/2-472

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment