Monday, 12 December 2016

1-841 मेरी जिंदगी में हर ख़ुशी

मेरी जिंदगी में हर ख़ुशी यूं आकर लौट गयी,
जैसे हर लहर किनारे को चूम कर लौट गयी..(वीरेंद्र)/1-841

रचना: वीरेंद्र सिन्हा  "अजनबी"

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