Friday, 16 December 2016

2-465 इंसा दुआ मांगते वक्त


इंसाँ दुआ मांगते वक्त मानता है, सामने है साक्षात् भगवान,
गुनाह करते हुए मगर सोचता है बड़ी दूर बेखबर है भगवान..(वीरेंद्र)/2-465

रचना: वीरेंद्र सिन्हा जनबी"

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