Sunday, 25 December 2016

1-855 तेरा नाम

तेरा नाम लेना छोड़ दिया अब हमने,
अजनबी जुबां पर तेरा नाम भी क्यों आए..(वीरेंद्र)/1-855

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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