Wednesday, 28 December 2016

1-858 नेक दिल इंसान

नेक दिल इंसान कभी मरा नहीं करते,
बस चले जाते हैं सबके दिलों में बसने को..(वीरेंद्र)/1-858

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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