Sunday, 25 December 2016

1-851 चल रही है ज़िन्दगी

चल रही है ज़िन्दगी, कि सांसें चल रही हैं,
चला चली में वक्त की घड़ियाँ चल रही हैं..(वीरेंद्र)/1-851

©रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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