Sunday, 25 December 2016

0-582 यह माना मै तेरे

यह माना मैं तेरे काबिल नहीं हूँ,
रंजो-ग़म में तेरे, शामिल नहीं हूँ,
पर तेरी कश्ती को डूबने न दूंगा,
जानता हूँ मैं तेरा साहिल नहीं हूँ..(वीरेंद्र)/0-582

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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