Sunday, 20 November 2016

2-463 देश बदल रहा है और

देश बदल रहा है और दिखाई भी दे रहा है,
विरोधियों को मगर ये कहाँ दिखाई दे रहा है..(वीरेंद्र)/2-463

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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