Friday, 4 November 2016

1-826 मत पूछो सवाल

मत पूछ सवाल इस झूंटे ज़माने से,
मिल जाएंगे जवाब सारे आईने से..(वीरेंद्र)/1-826

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

No comments:

Post a Comment