Friday, 4 November 2016

1-823 बिना मज्मून का कागज़

बिना मज़मूं का कागज़ ही रख कर भेज दिया उसने,
खुदा का शुक्र लिफ़ाफ़े पर मेरा नाम लिख दिया उसने..(वीरेंद्र)/1-823

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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