Monday, 17 October 2016

1-811 हर बार चला जाता हूँ

हर बार चला जाता हूँ मैं, फिर न आने के लिए,
क्यों बुला लेते हो तुम मुझे, फिर चले जाने के लिए,(वीरेंद्र)/1-811


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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