Wednesday, 5 October 2016

0-571 इतने भी दूर न निकल

इतने भी दूर न निकल जाएं,
फासले इतने भी न बन जाएं,
कि फिर पास आ न सकें हम,
हालात ऐसे अगर बन जाएं..(वीरेंद्र)/0571


रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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