Tuesday, 13 September 2016

2-439 देखो भाई ऐसा है,


देखो भाई ऐसा है
अच्छे दिन की उसे ही है इंतज़ार,
जिसके पास पहले ही बहुत पैसा है
सबका टेक्स भरना, टेक्स चुकाना है,
मेरा टेक्स भरना चैरिटी जैसा है।
दुनिया करती है अवैध कब्ज़े,
मैंने किया तो बोले, तू ऐसा है वैसा है.(वीरेंद्र)/2-439

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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