Sunday, 4 September 2016

2-421 वक्त का कोई झोंका

वक्त का कोई झोंका जिसे साथ ले उड़े,
उसे कोई झूंटे प्यार का नाम क्यों न दे...(वीरेंद्र)/2-421

रचना: वीरेंद्र सिन्हा  "अजनबी"

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