Wednesday, 8 June 2016

0-566 बात बात में हमसे शेर

बात बात में हमसे शेर मारे नहीं गए,
लफ़्ज़ों में ख्यालात सँवारे नहीं गए,
पर हमने खोलकर रख दिया है दिल,
भले ही हम किसी मुशायरे नहीं गए..(वीरेंद्र)/0-566

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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