Wednesday, 8 June 2016

0-563 किसी की बद दुआ लग गयी,

किसी की बद दुआ लग गयी, 
तो किसी की नेक दुआ फल गयी,
आई तो थी मौत करीब मगर,
बद दुआ पे दुआ भारी पड़ गयी,,(वीरेंद्र)/0-563

रचना: वीरेंद्र सिन्हा "अजनबी"

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